Special education meaning | विशिष्ट शिक्षा का अर्थ एवं परिभाषाएँ

1. विशिष्ट शिक्षा से आप क्या समझते हैं ? इसके विशेषताओं तथा उद्देश्यों का (What do you understand by special education? Discuss its character /special education meaning

विशिष्ट शिक्षा का अर्थ एवं परिभाषाएँ (Special education meaning)

Ans –  special education meaning:-  विशिष्ट शिक्षा शास्त्र की एक ऐसी शाखा है जिसके अंतर्गत उन बच्चों को शिक्षा दी जाती है जो सामान्य बच्चों से शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विशेषताओं में थोड़े अलग होते हैं। सामान्य बच्चों की तुलना में ऐसे बच्चों की आवश्यकताएँ भी विशिष्ट होती है इसलिए वे ‘विशेष आवश्यकता वाले बच्चे’ कहलाते हैं। ये बच्चे अपनी सहायता स्वयं नहीं कर पाते हैं। विशिष्ट शिक्षा के तहत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की विशिष्ट शैक्षिक आवश्यकताओं की पहचान एवं उनके शैक्षि पुनर्वास अध्ययन किया जाता है।

ये भी पढ़ें :– भाषा का परिभाषा 

‘विशिष्ट शिक्षा’ से तात्पर्य अलग विद्यालयों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा है। इसका प्रयोग सामान्यतः उन बच्चों के लिए किया जाता है जो विकलांगता से ग्रस्त हों, ये विकलांगता अधिक अंग-हानियों से पैदा होती है। विशिष्ट शिक्षा की परिभाषा के मुद्दे पर शिक्षाविदों और मनोवैज्ञानिकों के बीच मत्यैक नहीं है। विभिन्न लोगों ने इस विभिन्न तरीकों से परिभाषित करने का प्रयास किया है। विकीपीडिया नामक इनसाइक्लोपाडिया के अनुसार यह एक प्रकार का शैक्षिक है, जिसका निर्माण अधिगम अक्षम, मानसिक मंद या शारीरिक विकासात्मक अक्षमताग्रस्त अथवा प्रतिभाशाली बच्चे सरीखे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाता है। शैक्षिक अनुदेश निर्माण के दौरान पाठ्यचर्या में बदलाव, सहायक उपकरण एवं विशिष्ट सुविधाओं के प्रावधान आदि का ख्याल रखा जाता है ताकि विकलांग बच्चे नये शैक्षिक वातावरण का भरपूर आनंद ले सकें ।special education meaning in hindi

कर्क के अनुसार ‘

विशिष्ट शिक्षा’ शब्द शिक्षा के उन पहलुओं को इंगित करता है जिसे विलांगग एवं प्रतिभाशाली बच्चों के लिए किया जाता है लेकिन औसत बालकों के मामले में यह प्रयुक्त नहीं होता है।

हल्लहन और कॉफमैन (1973) के अनुसार,

विशेष शिक्षा का अर्थ विशेष रूप से तैयार किये गये साधनों द्वारा विशिष्ट बच्चों को प्रशिक्षण देना है। इसके लिए विशिष्ट साधन, अध्यापन तकनीक, साजो-सामान तथा अन्य सुविधाओं की आवश्यकता होता है।

विकलांग शिक्षा अधिनियम के अनुसार

“विशिष्ट शिक्षा विशिष्ट रूप से डिजाइन किया गया अनुदेश है जो विकलांग बच्चों की अतुलनीय आवश्यकताओं की पूर्ति करता हो। इसमें वर्गकक्ष अनुदेश, गृह अनुदेश एवं अस्पतालीय एवं संस्थानिक अनुदेश भी शामिल हैं।”

एक अन्य परिभाषा के मुताबिक

– “विशिष्ट शिक्षा एक प्रकार का शैक्षिक कार्यक्रम और अधिन्यिास है जिसमें विशिष्ट कक्षाएँ एंव कार्यक्रम अथवा असमर्थ बच्चों के शैक्षिक सामर्थ्य विकसित कने वाली सेवाएँ, मसलन स्कूल कमेटी द्वारा ऐसे बच्चों के शैक्षिक पदस्थापन, लोक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, मानसिक मंद विभाग, युवा एवं समाज सेवाएँ एवं शैक्षिक बोर्ड द्वारा बनाया गया अधिनियम आदि शामिल हैं। “

To Also Read :-  Bihar Graduation Scholarship 2022-2023 Apply Online 50000/

विशिष्ट शिक्षा की विशेषताएँ

(Characteristics of Special Education) विशिष्ट शिक्षा की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं

1. विशिष्ट शिक्षा विशेष बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता करती है चाहे वह बच्चा प्रतिभाशाली हो या पिछड़ा।

2. विशिष्ट शिक्षा विशिष्ट बच्चों के समाज के साथ समायोजन में सहायता करती है।

3. विशिष्ट शिक्षा विशिष्ट बच्चों की पहचान व निदान में सहायक है।

4. विशिष्ट शिक्षा की प्रकृति विकासात्मक है। विशिष्ट शिक्षा विशिष्ट बालकों को आत्मनिर्भर बनाती है तथा उनमें आत्मविश्वास का संचार करती है।

5. विशिष्ट शिक्षा प्रदान करने के लिए विशेष शिक्षा सामग्री, विशेष पाठ्यक्रम व विशेष प्रशिक्षण प्राप्ति अध्यापकों की आवश्यकता होती है।

6. विशिष्ट शिक्षा द्वारा पिछड़े बच्चों को उनके स्तर के अनुसार व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

7. यह शिक्षा बालकों की क्षमताओं, योग्यताओं, रुचियों व अभिरुचियों को ध्यान में रखकर दी जाती है।

8. विशिष्ट शिक्षा सार्वभौमिक प्रकृति की शिक्षा है। यह शिक्षा सभी प्रकार के विशिष्ट बच्चों को दी जाती है, चाहे वे बच्चे धर्म, जाति, लिंग, रूप व आकार के अनुसार भिन्न ही क्यों न हों।

9. प्रत्येक नागरिक को सामान्य शिक्षा लेने का अधिकार है। अतः विशिष्ट बालकों को विशिष्ट शिक्षा का अधिकार है।

10. विशिष्ट शिक्षा विशिष्टि बच्चों के हर पक्ष का विकास करती है चाहे वह शारीरिक हो या मानसिक या सामाजिक या संवेगात्मक

11. विशिष्ट शिक्षा लोगों का विशिष्ट बालकों के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव लाती है।

12. विशिष्ट शिक्षा साधारण शिक्षा का एक रूपांतर है।

13. विशिष्ट शिक्षा अपंग बालकों के लिये शिक्षण विधियों पर जोर देती है।

14. सामान्य बालक को यह शिक्षा नहीं दी जाती।

15. विशिष्ट शिक्षा योजनाबद्ध व व्यवस्थित ढंग से प्रदान की जाती है।

16. मानसिक रूप से पिछड़े बालकों को विशिष्ट शिक्षा से अत्यन्त लाभ होता है।

विशिष्ट शिक्षा के उद्देश्य (Objectives of Special Education meaning)

विशिष्ट शिक्षा के उद्देश्य निम्नलिखित हैं

(i) वर्ग-कक्षा में विकलांग बच्चों के शिक्षण अधिगम एवं कौशल का आकलन करना।

(ii) नियमित कक्षाओं में विकलांग बच्चों के सुव्यवस्थित रूप से पढ़ने-लिखने संबंधी भौतिक एवं अकादमिक अनुकूलन की पहचान करना।

(iii) नि:शक्त स्कूली बच्चों की शक्तियों एवं कमजोरियों की पहचान करना।

(iv) निःशक्त बालकों को नियमित कक्षाओं में भ्रमण करने के अवसर मुहैया कराना।

(v) बच्चों को मुख्य धारा में लाने वाली गतिविधियों की योजना निर्माण में सहभागी बनाना।

(vi) अभिभावक एवं सामुदायिक आरियेन्टेशन कार्यक्रमों में भाग लेना ।

(vii) पुनर्वास विशेषज्ञों एवं स्कूल कर्मचारियों के बीच पारमशत्मिक संबंध कायम करना ।

(viii) विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्य धारा की कक्षा में दाखिले के लिए कार्यक्रमों का निर्माण करना।

(ix) सामान्य कक्षाओं के शिक्षकों और छात्रों को निःशक्त बच्चों की देखभाल के लिए मानसिक तौर पर तैयार करना ।

(x) निःशक्त बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं के मापने के लिए सूचनाओं का संग्रह करना ।

(xi) प्रत्येक निःशक्त बच्चे की वर्तमान क्रियाकलापों का आकलन करना ।

(xii) निःशक्त बच्चों का शैक्षिक लक्ष्यों का निर्धारण करना।

(xiii) बच्चों के लक्ष्य के निर्धारण में माता-पिता की भागीदारी सुनिश्चित करना।

(xiv) निःशक्त बच्चों के लिए शिक्षण-अधिगम सामग्रियों का निर्माण करना।

(xv) गतिविधि आधारित शिक्षण कार्यक्रमों का निर्माण करना।

(xvi) वैकल्पिक शैक्षिक रणनीतियों का डिजाइन करना।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *